T 1854 - From my FB : " पाँव सूखे हुए पत्तों पर अदब से रखना..... धूप में माँगी थी तुमने पनाह इनसे कभी...."
@SrBachchan: T 1854 - From my FB :
" पाँव सूखे हुए पत्तों पर
अदब से रखना.....
धूप में माँगी थी तुमने
पनाह इनसे कभी...." http://pic.twitter.com/19tHxkThOI
No comments:
Post a Comment